BAMS Course Kya Hota Hai In Hindi

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BAMS Course Kya Hota Hai In Hindi: Hello दोस्तों स्वागत है आपका technicalbandu.com के इस नए पोस्ट मैं जिसमें आप जानेंगे की BAMS Kya Hai? | BAMS course details in hindi अगर आपने class 12th पास कर लिया है या फिर अभी करने वाले है तो फिर आपके मन मैं ये सवाल होगा की board exam पास करने के बाद आगे हम कौन सी पढ़ाई करे जिससे  की हम अपना एक अच्छा career बना पाये। वैसे तो class 12th के बाद बहुत तरह की पढ़ाई होते है अगल – अगल फील्ड के लिए अगल – अगल courses होते है।

BAMS यानि बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) भारत में आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़ी डिग्री है। यह 12वीं कक्षा के बाद साढ़े पांच वर्ष (5 वर्ष 6 माह) की अवधि में पूरी जा सकती है जिसमें 1 वर्ष की इंटर्नशिप भी शामिल होती है। अगर आपका सपना भी आयुर्वेद डॉक्टर बनने का है तो यह आपके लिए अच्छा करियर विकल्प हो सकता है। यहां मैं आपको BAMS Course Details In Hindi जैसे- BAMS क्या है, BAMS के लिए योग्यता, एवं परीक्षा आदि प्रदान करने जा रहा हूँ।

हम सब जानते है कि भारत में आयुर्वेद को काफी महत्व दिया जाता है जिसमें ना सिर्फ बीमारी को ठीक किया जा सकता है बल्कि उसे जड़ से खत्म भी किया जा सकता है। भारत में आयुर्वेद के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त करने के लिए BAMS Course करना होता है। यह कोर्स करने के बाद आप आयुष डॉक्टर या आयुर्वदिक डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर सकते है। इस लेख ‘B.A.M.S Course Details in Hindi’ में आपको इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त होगी।

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बीएएमएस कोर्स क्या है (What is BAMS Course Hindi)

BAMS COURSE एक UNDER GRADUATE आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज द्वारा कराए जाते हैं जो भी आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना चाहते हैं उन्हे BAMS COURSE करना होता है क्योंकि बीएमएस कोर्स के द्वारा ही आयुर्वेदिक डॉक्टर की पढ़ाई कराई जाती है. इस कोर्स को हमारे देश के Central Council of indian Medicine के द्वारा मान्यता प्राप्त है.

जो भी कॉलेज स्कूल की पढ़ाई कर आते हैं उन कॉलेज को पहले हमारे देश के मेडिसिन काउंसिल से मान्यता लेनी होती है. तभी जाकर वह bams course को करा सकते हैं.

BAMS FULL FORM “Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery”

बीएएमएस कोर्स को पूरा करने के लिए 5 साल 6 महीने का समय लगता है. यह कोर्स मेडिकल डिग्री में high level की होती है और इस कोर्स की डिग्री मेडिकल के क्षेत्र में बहुत ही मायने रखती है. Bams course में  आयुर्वेदिक दवाइयों के बारे में पढ़ा जाता है इसमें हमें आयुर्वेदिक दवाइयों के द्वारा हम लोगों का इलाज कैसे कर सकते हैं. आयुर्वेदिक दवाइयों के फायदे आयुर्वेदिक दवाइयों द्वारा हम इलाज को कैसे बेहतर बना सकते हैं. इसमें हमें natural herb से मरीजों का treatment के बारे में बताया जाता है.इसमें हमें nature में पाए जाने वाले सारे आयुर्वेदिक दवाइयों के बारे में भी बताया जाता है. अभी के समय में आयुर्वेदिक दवाइयां बहुत तेजी से बढ़ रही है जिस कारण से इसमें आपको आयुर्वेदिक दवाइयों पर reaearch करने का भी मौका मिलता है.इस कोर्स में nature में पाई जाने वाली दवाइयों और nature का उपयोग करके कैसे हम बीमारियों का इलाज कर सकते हैं. BAMS COURSE में आपको MODERN MEDICINE और TRADITIONAL MEDICINE (आयुर्वेद) के विषयों के बारे में पढ़ाया जाता है. यह कोर्स एक बेहतरीन मेल है जिसमें आपको प्राचीन दवाइयों और आधुनिक दवाइयों के द्वारा इलाज करने के तरीकों को सिखाया जाता है.

BAMS Full Form In Hindi

BAMS का फुल फॉर्म “Bachelor Of Ayurvedic Medicine & Surgery” होता है। जिसे हिंदी में (B.A.M.S Full Form in Hindi) “बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी” कहते है।

BAMS Course Details in Hindi

बीएमएस आयुर्वदिक चिकित्सा में की जाने वाली एक बैचलर डिग्री कोर्स है। इस कोर्स के दौरान छात्रों को शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान, विषविज्ञान, चिकित्सा सिद्धांत, फार्माकोलॉजी, रोगों के निदान एवं उनसे बचाव के उपाय, आंख/नाक/कान/गले का इलाज, और फोरेंसिक चिकित्सा आदि के बारे में पढ़ाया जाता है।

BAMS कोर्स के लिए आप किसी सरकारी या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में Admission ले सकते है। इस कोर्स को करने की कुल अवधि 5 साल 6 महीने होती है। BAMS Course में आयुर्वेद के साथ ही आधुनिक दवाओं की शिक्षा भी शामिल होती है। भारतीय शिक्षा प्रणाली में B.A.M.S की Degree बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसमें छात्रों को प्राकृतिक जड़ी बूटी (Natural Herbs) के द्वारा इलाज (Treatment) करना सिखाया जाता है।

कोर्स का नाम BAMS (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery)
कोर्स का स्तर अंडरग्रेजुएट कोर्स
BAMS की अवधि 5 साल 6 महीने
BAMS प्रवेश परीक्षा NEET, KEAM, IPU CET, BVP CET
BAMS परीक्षा प्रकार वार्षिक
BAMS के योग्यता न्यूनतम 50%-60% और अनिवार्य विषयों के रूप में PCB के साथ 10+2 उत्तीर्ण
BAMS प्रवेश प्रक्रिया एंट्रेंस एग्जाम आधारित
BAMS कोर्स की फीस 20,000 से 2,00,000 रूपये वार्षिक

जानिए BAMS डिग्री Course के subjects क्या हैं?

सन 2012 में भारत सरकार के निर्देशानुसार BAMS को साढ़े पांच साल के Course में बदल दिया गया था। इसमें चार Professional Years होती हैं, जिसमें पहली तीन को बारह-बारह महीने के अंतराल में किया जाता है जबकि Final Professional Year 18 महीने का होती है। BAMS की इन Years का Syllabus निर्धारित होता है और हर वर्ष के लिए अलग-अलग Subjects भी निर्धारित होते हैं।

पहले साल के विषय क्या है?

1) पदार्थ विज्ञान एवं आयुर्वेद का ज्ञान

2) रचना शरीर

3) क्रिया शरीर

4) संस्कृत

5) मौलिक सिद्धांत एवं अष्टांग हृदयं

दुसरे साल के विषय क्या है?

1) द्रव्यगुण विजनन

2) राष्ट्र एवं भैषज्य कल्पना

3) रोग विजनन एवं विकृर्ति विजनन

4) चरक संहिता

तीसरे साल के विषय क्या है?

1) अगद तंत्र, व्यवहार आयुर्वेद एवं विधि वैद्यक

2) स्वस्थवृत्ता एवं योग

3) चरक संहिता (उत्तरार्ध)

4) कौमारभृत्य

5) प्रसुति तंत्र एवं स्त्री रोग

अंतिम वर्ष के विषय क्या है?

1) कायाचिकित्सा

2) पंचकर्म

3) शल्य तंत्र

4) शालक्य तंत्र

5) अनुसंधान क्रियाविधि एवं चिकित्सा सांख्यिकी

6) शल्य तंत्र

7) शालक्य तंत्र

8) अनुसंधान क्रियाविधि एवं चिकित्सा सांख्यिकी

BAMS में admission प्राप्त करने के लिए कुछ qualifications होती है जो कि candidate के पास होना जरूरी होता है।

Candidate जो कि BAMS की 1st professional Year में admission लेने के इच्छुक है उसने H.S.E.B. (Science Stream) को ‘B’, ‘AB’ group या इसी तरह के किसी examination के साथ qualify किया हो और NEET को भी मौजूदा वर्ष ही Clear किया हो या state level entrance exam clear किया हो तभी वह BAMS में admission ले सकता है। Candidate ने 12वीं कक्षा में physics, Chemistry & Biology subjects से पास किया होना अनिवार्य है।

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बीएमएस कोर्स टॉप कॉलेजेस | BAMS Top Collage

इस कोर्स को पूरा करने के लिए आप सरकारी कॉलेज या प्राइवेट कॉलेज में नामांकन करा सकते हैं। नीचे भारत के टॉप कॉलेज का विवरण दिया गया है जिसमें बीएएमएस का कोर्स कराया जाता है।

  • पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज, हरिद्वार |
  • अलीगढ़ आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय, अलीगढ़ |
  • आयुर्वेद महाविद्यालय, वाराणसी |
  • राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, कन्नूर |
  • गवर्नमेंट अष्टांग आयुर्वैदिक कॉलेज, इंदौर |
  • सुमतिभाई शाह आयुर्वेद महाविद्यालय मालवाड़ी, पुणे |
  • डॉक्टर एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, विजयवाड़ा |
  • डॉ डी वाय पाटील यूनिवर्सिटी, नवी मुंबई |
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद, जयपुर |
  • विदर्भ आयुर्वेद महाविद्यालय, अमरावती |
  • राजकीय अखंडानंद आर्युवेद कॉलेज, अहमदाबाद |
  • डॉक्टर जी डी पॉल फाउंडेशन वाईएमटी आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल पीजी इंस्टीट्यूट, नवी मुंबई |
  • CH ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद चरक संस्थान, नई दिल्ली |
  • भारती विद्यापीठ डीम्ड यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ आयुर्वेद पुणे |
  • राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, वडोदरा |
  • यशवंत आयुर्वेदिक कॉलेज, कोल्हापुर |
  • डॉ शिव शक्ति लाल शर्मा आयुर्वैदिक मेडिकल कॉलेज, रतलाम |
  • अभिलाषी यूनिवर्सिटी, मंडी |
  • ज्योति विद्यापीठ वुमन यूनिवर्सिटी, जयपुर |
  • जूपिटर आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज, नागपुर |
  • श्री स्वामीनारायण आयुर्वैदिक कॉलेज, कलोल |

ऊपर दिए गए सभी संस्थान में बीएएमएस का कोर्स करवाया जाता है। अगर आप आयुर्वेदिक डॉक्टर बनना चाहते हैं तो इनमें से किसी एक कॉलेज में नामांकन करवा सकते है।

बीएएमएस (BAMS) कोर्स के फायदे

पूरी दुनिया में आयुर्वेदिक निर्माता कंपनियों की संख्या बढ़ रही है जिससे इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ रहे है। बीएएमएस कोर्स करने के निम्नलिखित फायदे नीचे दर्शाए गए हैं।

  • इस कोर्स को करने के बाद आपको आयुर्वेदिक डॉक्टर की उपाधि मिलेगी।
  • दूसरे क्षेत्र के डॉक्टर के मुकाबले इस क्षेत्र में कम कंपटीशन होने के कारण जल्दी से नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाता है।
  • इस कोर्स की माध्यम से नई नई दवाइयों को कैसे बनाया जाता है इसकी पढ़ाई करवाई जाती है। एक्सपीरियंस हो जाने के बाद आप नए दवाई की खोज कर सकते है।
  • इस कोर्स के करने के बाद भारत के अलावा श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश में कहीं भी आयुर्वेदिक क्षेत्र में नौकरी पा सकते हैं।
  • इस कोर्स को करने के बाद अच्छी सैलरी मिल सकती है।
  • इसके अलावा कोर्स पूरा करने के बाद खुद की क्लिनिक या हॉस्पिटल खोल सकते हैं।

बीएएमएस (BAMS ) कोर्स के लिए टॉप एंट्रेंस एग्जाम

भारत भर में इस कोर्स के लिए कई एंट्रेंस एग्जाम मौजूद हैं नीचे कुछ एंट्रेंस एग्जाम के नाम दिए गए हैं।

  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद एंट्रेंस एग्जाम |
  • केरला स्टेट एंटरेंस एक्जाम |
  • कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सीईटी कर्नाटक |
  • उत्तराखंड पीजी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम |
  • आयुष इंट्रेंस एग्जाम |

आप बीएएमएस कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं तो इन एंट्रेंस एग्जाम को क्लियर करके टॉप संस्थान में नामांकन ले सकते हैं। एंट्रेंस एग्जाम में 11वीं और 12वीं कक्षा के साइंस सब्जेक्ट से क्वेश्चन पूछे जाते हैं।

Career Option after BAMS Degree in hindi

बीएएमएस करने के बाद कैंडिडेट के पास अनेक कैरियर के ऑप्शन होते हैं। लेकिन कोई भी इन कैरियर ऑप्शन को अपनाना नही चाहता है। इसका मुख्य कारण ये होता है कि जो भी स्टूडेंट BAMS करता है, उसका सीधा सा एक ही लक्ष्य होता है कि उसको डॉक्टर बनना है। बस लोग बीएएमएस के बाद इसी कैरियर ऑप्शन को चुनते हैं। हम आपको बता दें डॉक्टर बनने के अलावा भी BAMS के बाद अनेक कैरियर के विकल्प होते हैं। आप चाहें तो इन सेक्टर में भी जा सकते हैं, जैसेकि-

  • लेक्चरर
  • थेरेपिस्ट
  • आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट
  • साइंटिस्ट
  • मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव
  • जूनियर क्लीनिकल ट्रायल कॉर्डिनेटर
  • एरिया सेल्स मैनेजर
  • प्रोडक्ट मैनेजर
  • सेल्स एग्जीक्यूटिव
  • BAMS के बाद जॉब के क्षेत्र
  • हॉस्पिटल
  • नृसिंग होम
  • क्लीनिकल ट्रायल्स
  • एजुकेशन
  • हेल्थकेयर आईटी
  • आयुर्वदिक रिसोर्ट
  • स्पा रिसोर्ट
  • कॉलेजेस
  • रिसर्च इंस्टीट्यूट
  • गवर्नमेंट हॉस्पिटल
  • प्राइवेट हॉस्पिटल
  • पंचकर्म आश्रम
  • लाइफ साइंस सेक्टर
  • फार्मेसी सेक्टर
  • इंसोरेंस सेक्टर

BAMS के बाद क्या करें

BAMS एक ऐसा कोर्स है जिसे करने के बाद आप डॉक्टर बना जाते जहां आप मरीज का इलाज करने के अलावा भी कई अन्य कार्य कर सकते है वही इसके अलावा आप यदि आगे पढ़ाई जारी रखना चाहते है तो आप मास्टर डिग्री के लिए भी आगे जा सकते है जहां MBA,M.P.H,M.D/MS जैसे कोर्स कर सकते है। आप BAMS करने के बाद खुद का क्लिनिक खोल सकते है वही इसके अलावा आप चाहते तो जूनियर डॉक्टर के तौर पर सुरुवाती में कार्य कर सकते है। इसके अलावा लेक्चरर,थेरेपिस्ट,आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट,साइंटिस्ट,मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव,जूनियर क्लीनिकल ट्रायल कॉर्डिनेटर इत्यादि के तौर पर भी कार्य कर सकते है। वही इसके साथ ही आप चाहे तो UPSC की तयारी भी कर सकते है आप CHO बन सकते है।

आप चाहे तो किसी भी शॉर्ट टर्म कोर्स कर के हर्बल प्रोडक्ट जैसे साबुन,अन्य क्रीम इत्यादि बनाना सिख सकते है वही BAMS करने के बाद आप योग कोर्स भी कर सकते है। इसके अलावा भी BAMS के बाद बहुतों तरह के कोर्स है जिसे करने के बाद आप अन्य छेत्रों में अपना करियर बना सकते है।

BAMS Doctor की Salary कितनी होती है

यदि हम बात करें BAMS के बाद मिलने वाली वेतन की तो यह निर्भर करता है की आप BAMS करने के बाद किस छेत्र में जॉब या कार्य कर रहें है वैसे तो एक BAMS से स्नातक किए छात्र की अनुमानित वेतन तीन लाख से लेकर आठ लाख या इससे ऊपर होती है।

यह निर्भर करता है आपके अनुभव एवं कौशल पर इसके अलावा यदि आप सेल्फ प्रैक्टिस करते है तो आपको वेतन 5.4 लाख सालाना तक मिल सकता है।वही यदि आप आयुर्वेदिक फिजिशियन के तौर पर कार्य करते है तो आपकी वेतन तीन लाख से चार लाख के बीच हो सकती है।वही मेडिकल ऑफिसर की वेतन चार से पाँच लाख के बीच होता है वही इस कोर्स को करने के बाद आप इससे जुड़े किसी भी कार्य में तीन लाख से 5 लाख से बीच वेतन जरूर पा सकते है।

मुझे हमेशा यही आशा रहता है की जो भी technicalbandu.com website पे आये उसको हर एक question का answer मिल सके.
तो मुझे आशा है की आपको सारा कुछ का answer मिल गया होगा लेकिन फिर भी आपको कोई doubt या question है इस पोस्ट के related तो आप मुझे comment section में पूछ सकते है में इसका reply जरूर दूंगा.

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