Monday, April 15, 2024
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दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023)

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) – विजयादशमी, जिसे दशहरा कहा जाता है, बुराई की अच्छाी पर जीत और असत्य की सत्य पर जीत का पर्व है। यह हर साल शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल, दशहरा का पर्व [इस साल की तिथि] को मनाया जाएगा।



धार्मिक दृष्टि से, दशहरा भगवान श्रीराम के रावण पर विजय प्राप्त करने की प्रतीक है, जो भगवान की पत्नी सीता को रावण के अधिकार से मुक्त करते हूए हुआ था। दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) यह पर्व भी माँ दुर्गा के नौ दिनों के युद्ध के बाद महिषासुर की विजय की अवस्था को चिह्नित करता है।

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) दशहरा के दिन, लोग रावण, मेघनाद, और कुंभकर्ण के पुतले दहन करने का आयोजन करते हैं, जिससे विजय का संकेत मिलता है। इसके अलावा, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होने का अवसर होता है जो अच्छे भविष्य की कामना करते हैं।

विजयदशमी 2023: यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का है। हर वर्ष, अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम ने रावण को मारा था, और इसलिए इसे विजयदशमी कहा जाता है।

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) लोग इस दिन रावण के पुतले को बनाकर उसे दहन करते हैं। आइए देखते हैं, इस बार दशहरा का त्योहार कब है।

दशमी तिथि का आरंभ 

इस वर्ष, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 24 अक्टूबर को मंगलवार को आएगी। बता देना जरूरी है कि दशमी तिथि का आरंभ 23 अक्टूबर को शाम 5:44 बजे होगा और इसका समापन 24 अक्टूबर को 3:14 बजे होगा।

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) दशहरा का उत्सव 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस वर्ष, दशहरा पर रवि योग और वृद्धि योग दोनों ही शुभ योग बन रहे हैं।



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विजयादशमी का क्या महत्व है?

दशहरा का त्योहार सत्य की जीत पर आधारित है। इसे विजयदशमी भी कहा जाता है, और यह पर्व अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को आता है। विजयदशमी, या दशहरा, नवरात्रि के समाप्त होने के बाद मनाया जाता है।

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023)धार्मिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने रावण को मारने से पहले 9 दिनों तक मां दुर्गा की पूजा की थी, और 10वें दिन में रावण का वध किया गया था।

एक और पौराणिक कथा के अनुसार, एक राक्षस था जिसका नाम महिषासुर था। उसने ब्रह्मा जी की उपासना करके एक वरदान प्राप्त किया था, जिसके अनुसार उसे कोई भी पृथ्वी पर पराजित नहीं कर सकेगा, यानी उसका वध नहीं किया जा सकेगा।

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) महिषासुर ने अपने पाप से भरी पृथ्वी पर हाहाकार मचाया। इस पर ब्रह्मा, विष्णु, और महेश ने अपनी शक्तियों से मां दुर्गा को उत्पन्न किया। मां दुर्गा और महिषासुर के बीच 9 दिनों तक एक महायुद्ध चला, और 10वें दिन में मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया।

दशहरा क्यों मनाया जाता है?

हिंदू धर्म में, दशहरा का त्योहार विशेष महत्वपूर्ण है। इस उत्सव को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण को मारकर बुराई को समाप्त किया था।

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) विभिन्न मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां दुर्गा ने 9 दिनों के युद्ध के बाद महिषासुर का वध किया था। इसलिए, यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।

एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक दैत्य महिषासुर नामक प्राणी था, जिसने तपस्या करके ब्रह्मा से ऐसा वरदान पाया था कि कोई भी पृथ्वी पर जीव उसे मार नहीं सकता। महिषासुर के अहंकार से प्रिथ्वी पर संकट आ गया।

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) इस संकट का समाधान पाने के लिए, तीन मुख्य देवता – ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने मिलकर दुर्गा की सृष्टि की। मां दुर्गा ने महिषासुर से नौ दिनों तक संघर्ष किया और दसवें दिन उसे परास्त किया। इसी विजय को मनाने के लिए हम नवरात्रि और दशहरा का त्योहार मनाते हैं।

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दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) दशहरा पूजा विधि 

  • विजयादशमी यानी दशहरा के दिन सुबह जल्दी स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
  • इसके बाद प्रभु श्री राम, माता सीता और हनुमान जी की पूजा करें।
  • इस दिन गाय के गोबर से 10 गोले बनाए जाते हैं और इन गोलों के ऊपर जौ के बीज लगाए जाते हैं।दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023)
  • फिर भगवान को धूप और दीप दिखाकर पूजा करें और इन गोलों को जला दें।
  • मान्यता है कि रावण के 10 सिर की तरह ये गोले अहंकार, लोभ, लालच का प्रतीक होते हैं।
  • अपने अंदर से इन बुराइयों को खत्म करने की भावना के साथ ये गोले जलाए जाते हैं।

विजयादशमी और दशहरा में क्या अंतर है?

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) दशहरा और विजयदशमी में अंतर इस दिन भगवान राम ने दशानन रावण का वध किया था, इसलिए इसे दशहरा कहा जाता है।




दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023)  इसके अलावा, इस दिन देवी दुर्गा ने नवरात्रि के नव दिनों के युद्ध के बाद दसवें दिन में महिषासुर का वध किया था, जिससे इसे विजयादशमी कहा जाता है। विजय दशमी को असत्य पर सत्य की विजय के रूप में भी मनाया जाता है।

दशहरा पूजा मुहूर्त कब है?

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) ज्योतिषाचार्य ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 23 अक्टूबर को शाम 5:44 मिनट से शुरू होगी और 24 अक्टूबर को दोपहर 3:14 मिनट तक रहेगी।

दशहरा (विजयादशमी) का पर्व कब है? तारीख मुहूर्त और महत्व (Dussehra 2023) उदया तिथि के अनुसार, इस साल दशहरा का त्योहार 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

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