Google Search Console Kya Hai?

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Google Search Console Kya Hai आज हम इसी के बारे में बात करेंगे, इसको Use करने के क्या फायदे है, इसका काम क्या है , और ये काम कैसे करता है, आप भी अपने वेबसाइट को Google Search Console में ऐड (Submit) करना चाहते है पर आपको ऐड करने नहीं आता है, तो आप को टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं। इस ब्लॉग में मै आपको स्टेप By स्टेप समझाऊंगा की वेबसाइट को Google Search Console में कैसे ऐड करना है?

Google Search Console Kya Hai?

Google Search Console एक ऐसा फ्री टूल है जो आपकी वेबसाइट की हर एक छोटी से छोटी रिपोर्ट देता है की आपकी वेबसाइट किस Keyword पर रैंक कर रही है, किस Position पर है, आपकी वेबसाइट में क्या कमी है और क्या दिक्कत है, ये सारा कुछ Google Search Console में दिखता है

Google Search Console को 20 May 2015 तक हम Google Webmaster Tool के नाम से भी जानते थे लेकिन उसके बाद इसका नाम अपडेट करके Google Search Console रख दिया गया, इसकी मदद से हम अपने Website को Google Search Result मे Index करवाते है । Google के Crawler हमारे Website को इसी Tool की मदद से Bottleneck करते है ।



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Google Search Console की महत्त्वपूर्ण विशेषताएं

Google Search Console क्या है या किनको इस्तेमाल करना चाहिए ये तो आप समझ गए, चलिए अब थोड़ा Search Console में क्या क्या है ओर वो हमारे किस काम आता है उसके बारे में भी जान लेते है ।

यह तो आपने जान ही लिया की Search Console किसके लिए जरूरी है अब जानते है Search Console के कुछ जरूरी features के बारे में ।

1.Site Overview

जैसे ही आप Search Console को open करोगे तो आपको वहां पर सबसे पहले overview section दिखेगा । इसकी मदद से आपको एक ही जगह पर वेबसाइट performance, content, reports और experience आदि के बारे में जानने को मिलेगा । चलिए इनके बारे में एक – एक करके बात करते हैं ।

2. Performance

Google Search Console का यह सबसे जरूरी भाग है । इससे आपको आपके point के performance के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी । जैसे ही आप performance के ऑप्शन पर क्लिक करोगे वैसे ही आपको वहां चार जरूरी चीज दिखाई देंगी

Total Click

Total Click के सेक्शन से आपको यह information मिलेगी की आपकी point जब SERP पर दिखाई दी तो कितने लोगों ने उस point के लिंक पर क्लिक किया है । यानी के कितने लोगों ने आपके साइट पर visit किया है ।

Total Print

Total Print से आपको यह जानकारी मिलती है कि आपकी साइट सर्च इंजन के रिजल्ट पेज पर कितनी बार appear हुआ है ।

Average CTR

CTR का पूरा नाम है click through rate । इसका मतलब यह है की जरूरी नहीं की आपकी वेबसाइट के लिंक पर जितने लोगों ने क्लिक किया है उतने caller आपकी point पर आए होंगे । हो सकता है लोडिंग स्पीड, नेटवर्क प्रोब्लम, यूजर के मन बदलने से या किसी और reason से उसने क्लिक करने के तुरंत बाद ही back कर दिया हो । ऐसे में CTR आपको chance के रूप में आपके साइट visits को ज्यादा बेहतर तरीके से बताता हैं ।

Average Position

Average Position से आप यह जान सकते है की आपकी साइट की पोजिशन रैंकिंग के हिसाब से सर्च affect पर ओवरऑल पोजिशन क्या थी ? यह किसी particular कीवर्ड के हिसाब से भी हो सकता है या देर पूरी साइट के हिसाब से भी ।



3.Coverage

Coverage सेक्शन सर्च कंसोल

Coverage सेक्शन सर्च कंसोल में अहम भूमिका निभाता है । इसमें गूगल अपनी तरफ से साइट से संबंधित जानकारी देता है जिससे हमे पता चलाता है की वेबसाइट में किस प्रकार की तकनीकी समस्याएं आ रही है जिनको हमे जल्दी से जल्दी fix करनी होंगी । क्योंकि ये हमारे point की performance को affect करता ही । इसे हम एक प्रकार की रिपोर्ट ही समझ सकते है । इसके भी कुछ मुख्य भाग है जिनके बारे के जानते है ।

Error

Error, content का ही एक हिस्सा है जिससे यह जानकारी मिलती है की साइट मे किसी प्रकार की कोई समस्या तो नहीं है । इसमें garçon error 5xx जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है जिसे यहां से पता लगाया जा सकता है ।

Validate With Warning

इस सेक्शन से यह पता चलता है की गूगल ने आपके वेबसाइट के पेज और url को indicator कर लिया है लेकिन अभी भी उनमें कुछ छोटी – मोटी गलतियां है जिनको आप चाहो तो fix कर सकते हो ।

Valid

इससे यह जानकारी मिलती है की google आपके वेबसाइट runners और url को successfully listed कर लिया है बिना किसी error के।

Barred

Barred यानी ऐसे पेज या url जिनको google ने खुद ही जानबूजकर indicator नही किया है । इनमे किसी तरह का कोई error नहीं होता है लेकिन यह analogous content या thin content होने की वजह से google sure नही होता है की इनको indicator किया जाए या नहीं । पर आप चाहे तो गूगल को इसे indicator करने के लिए force कर सकते ।

4.Sitemap

जब आप sitemap वाले पेज पर जाते हो तो आपको वहां अपने website का sitemap डालना पड़ता है । Sitemap बोहोत ही जरूरी है क्योंकि इसकी मदद से ही google और आपके वेबसाइट या ब्लॉग के बीच एक path produce होता है जिससे हमे पता चलता है की google ने कितने url को successfully discovered करके indicator कर दिया हैं ।

5.Mobile Usability

अगर आप चाहतें हो की आपकी साइट यूजर friendly हो तो आपको mobile usability पर जरूर ध्यान देना चाहिए । यही से आपको पता चलेगा की आपके वेबसाइट पर कौन – कौन से runners है जो mobile में open होने के लिए तैयार है और किन runners में परेशानी है । यहां पर दो option दिए गए होते हैं ।

Error

इससे आपको यह जानने में मदद मिलेगी की आपके वेबसाइट के कौन – कौन से runners mobile friendly है और मोबाइल में आसनी से बिना किसी प्रोब्लम के display हो रहे है ।

Valid

Valid का मतलब यहां हैं आपके वेबसाइट के इतने runners आसानी से मोबाइल में इस्तेमाल हो रहे है display हो रहे हैं । इनको numerical form में count किया जाता हैं ।

आपको हमेशा ध्यान रखना चाहिए की आपकी वेबसाइट mobile और desktop दोनो मे इस्तेमाल होने के लिए पूरी तरीके से तैयार हो ।

6.Links

इसमें हम वेबसाइट के internal और external links के बारे में जानते हैं ।

External Links

External links वो लिंक्स होते है जो आपके वेबसाइट को किसी अन्य वेबसाइट से connect करते है । आप हमेशा अपने वेबसाइट को किसी high authority वाले spots ही लिंक करिए ।

Internal links

Internal links वो लिंक्स होते है जिनसे आप अपने ही वेबसाइट के एक पेज को दूसरे पेज को लिंक करते हैं ताकि अगर कोई यूजर किसी एक आर्टिकल को पढ़ रहा है तो external link के जरिए वो दूसरे आर्टिकल में भी जा सके ।

Top Linked Spots

इसमें आप यह देख सकते है की कौन – कौन से साइट्स अपने content से आपके point को backlink दे रहे हैं । यह एक लिस्ट के रूप में होती है । जरूरी नहीं की बैकलिंक की लिस्ट ज्यादा लंबी हो बल्कि जरूरी है की बैकलिंक कम हो लेकिन क्वालिटी बैकलिंक हो ।

7.Setting

सेटिंग वाले सेक्शन में जरूरी proprietor verification ही है । इसमें आप over verification details को fill करते है की आपके point की power किसके पास हैं ।

अगर आपने अपनी वेब्सायट को Search Console में जोड़ा है तो Search Console ज़रूरी सेटिंग्स है वो ज़रूर करे, वरना आपको पूरा फ़ायदा नहीं मिलेगा Search Console को इस्तमाल करने का ।




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Google Search Console के फायदे in Hindi

  • Google Search Console में मिलने वाले Features आपकी Website की Ranking को increase करने में मदद करते हैं!
  • Blog Post में आने वाले किसी भी Crimes को आप Google Search Console की मदद से Descry कर सकते है!
  • आप Google Search Console tool से अपने Blog Posts को Google में Index कर सकते है!
  • हम उन URL की जाँच भी कर सकते हैं जिन्हे Google के Boot को Crawling (google hunt press bottleneck) करने में परेशानियां हो रही है!
  • Google Search Console Website के Sitemap को जमा करने और Sitemap में आने वाले Crimes को खोजने में भी हमारी मदद करता है!
  • Website Security में आने वाले Issue को Google Search Console Tool से Check कर सकते है!
  • Google Search Console से AMP Mobile Usability को Check व Fix कर सकते है!

यदि आपकी Website Google Search Console के हिसाब से सही नहीं है! तो आपको अपने Website में ट्रैफिक को increase करने और Website को Google पर Rank कराने में बहुत मुश्किल हो सकती है!

मुझे आशा है कि आप मेरी बात समझ चुके होंगे अगर आपको कुछ भी जानकारी चाहिए या content मैं कुछ भी गलती लगे तो जरूर कमेंट करें |

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