SATA And PATA Kya Hai In Hindi – SATA और PATA में क्या अंतर है?

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SATA And PATA Kya Hai In Hindi – SATA और PATA में क्या अंतर है? : हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में What is SATA & PATA in Hindi – साटा और पाटा क्या है? के बारें में पढेंगे और इनके बीच के अंतर (difference) को भी देखेंगे. इसे आप पूरा पढ़िए, आपको यह आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:- 

What is SATA और PATA in Hindi, अगर आप कंप्यूटर लेने के बारे में सोच रहे है या कंप्यूटर के बारे में अभी अभी जानना शुरू किया है तो आपने हार्ड डिस्क के बारे में जरूर पढ़ा होगा। वहा आपको यह पता चला  होगा की हार्ड डिस्क दो प्रकार की है, SATA और PATA . और आज इस लेख में हम इन दोनों के बारे में जानेंगे। अब आप सोच रहे  होंगे  आपको क्या क्या जानने को मिलेगा तो मै आपको बतादू की इस लेख में SATA और PATA से सम्बंधित सभी सवालो के जवाब जैसे SATA और PATA क्या है? (What is SATA in Hindi), SATA और PATA केबल क्या है? (What is PATA cable in Hindi),  SATA और PATA की विशेषताए इसका इतिहास आदी के बारे में जानेंगे।

तो चलिए अब जानते  है की SATA And PATA Kya Hai?

SATA Cable क्या है – What is SATA Cable in Hindi 

Serial ATA को SATA के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है कंप्यूटर बस इंटरफ़ेस, जो बस एडेप्टर को हार्ड डिस्क ड्राइव जैसे स्टोरेज डिवाइस से कनेक्ट करने के लिए उपयोग किया जाता है। ये PATA के बाद लाया गया था और ये PATA से ज्यादा लाभप्रद है. इसका मुख्य कारण यह है कि यह केबल आकार और लागत, उच्च डेटा स्थानांतरण गति और गर्म स्वैपिंग, वगैरह प्रदान करता है जबकि SATA डिवाइस और होस्ट एडेप्टर कंडक्टर के ऊपर हाई-स्पीड सीरियल केबल के माध्यम से बातचीत करते हैं। यह पिछड़े संगत होते हैं क्यूंकि यह विरासत एटीए उपकरणों के रूप में प्राथमिक एटीए और एटीएपीआई कमांड समूह का उपयोग करता है।

SATA ने कंप्यूटर हार्डवेयर में एक बड़ा बदलाव लाया है, जहाँ उसने ग्राहक डेस्कटॉप और लैपटॉप कंप्यूटरों में और नए एम्बेडेड अनुप्रयोगों में समानांतर ATA को बदल दिया है।

SATA Full Form in Hindi

Serial Advanced Technology Attachment SATA का Full Form होता है Hindi में. SATA का पूरा नाम धारावाहिक उन्नत प्रौद्योगिकी अनुलग्नक होता है वर्तमान में. PATA के स्थान पर SATA का ही उपयोग किया जाता है साथ ही PATA से तेज गति की होती है

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Advantages of SATA in Hindi – साटा के फायदे

इसके फायदे नीचे दिए गए हैं-

1- इसमें डेटा को ट्रांसफर करने की गति काफी तेज होती है। यह आसानी से 150 से 600 MB प्रति सेकंड डेटा को ट्रांसफर कर सकता है।

2- यह अन्य हार्डवेयर की तुलना में कम बिजली की खपत (consume) करता है। जिसके कारण इसका उपयोग करने के लिए ज्यादा बिजली की ज़रूरत नहीं पड़ती।

3- SATA केबल बहुत ही पतले और सपाट होते है। जिसके कारण यह केबल कम जटिल (complicated) होते है। इसलिए इन्हे मैनेज करना आसान होता है।

4- यह केबल Flexible होते है। अर्थात इस केबल को हम किसी भी तरह से घुमा कर use कर सकते है और ये केबल जल्दी टूटते भी नही है।

5- इस केबल का उपयोग USB फ्लैश ड्राइव के रूप में भी किया जा सकता है।

6- इसकी लंबाई एक मीटर तक हो सकती है। जो कि PATA की तुलना में काफी ज्यादा है।

Disadvantages of SATA in Hindi – साटा के नुकसान

इसके नुकसान निम्नलिखित होते हैं-

  •  इस केबल का उपयोग करने के लिए विशेष ड्राइव की ज़रूरत पड़ती है।
  • साटा केबल windows 95 और 98 ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट नही करती है। यानी windows 95 और 98 ऑपरेटिंग सिस्टम में साटा का उपयोग नहीं किया जा सकता।
  • SATA cable एक समय में केवल एक drive को ही connect कर पाता है। जबकि PATA cable एक समय में एक से ज्यादा ड्राइव कनेक्ट कर सकता है।

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Types of SATA Cable in Hindi – साटा केबल के प्रकार

इसके प्रकार निम्नलिखित होते हैं-

1- SATA Data Cables – इस cable के पास डाटा को ट्रान्सफर करने के लिए 7 pins होती है.

2- SATA Power Cable – इस केबल के पास 15 pins होती है. इसका उपयोग कंप्यूटर या devices में बिजली की पूर्ति करने के लिए किया जाता है।

3- Micro SATA – इसका इस्तेमाल internal disk और backplane application के लिए किया जाता है.

4- SATA Bracket – इसका उपयोग हार्ड ड्राइव (hard drive) और सॉलिड स्टेट्स (solid states) के साथ किया जाता है।

5- SATA Bridge – यह केबल devices को मदरबोर्ड या PCI के साथ जोड़ने में मदद करता है। यह devices के मध्य एक bridge की तरह कार्य करता है.

6- E-SATA – इस केबल की लम्बाई लगभग 0.5-2m होती है। इसका उपयोग बाहरी devices को कंप्यूटर के साथ जोड़ने के लिए किया जाता है।

7- Low Profile SATA – यह बहुत ही पतली केबल होती है। इसका उपयोग ग्राफ़िक्स के लिए किया जाता है।

PATA Cable क्या है – What is PATA Cable in Hindi

Parallel Advance Technology Attachment (PATA) IDE (Integrated Drive Electronics). Standard के अनुसार कार्य करती है जिसे पहली बार 1986 में Western Digital और. Compaq द्वारा उपयोग की गयी PATA Cable का उपयोग. Internal Hard Disk के लिए उपयोग की जाती है जिसकी अधिकतम लम्बाई 46 Cm होती है यह. 40 Conductor Ribbon Cable होती है यह. Cable बहुत चौड़ी होती है जिसके दोनों सिरे एक जैसे होते है एक सिरा. Motherboard से और दूसरा सिरा Hard Disk अथवा अन्य. Storage Devices के साथ Connect किया जाता है वर्तमान में इसका उपयोग ना के बराबर होता है | SATA And PATA Kya Hai?

Advantages of PATA in Hindi – पाटा के फायदे

1- इसकी मदद से डाटा को आसानी से ट्रांसफर किया जा सकता है।

2- पाटा केबल को मैनेज करना user के लिए काफी आसानी होता है।

3- पाटा केबल में दो से ज्यादा डिवाइस को कंप्यूटर सिस्टम के साथ कनेक्ट किया जा सकता है।

Disadvantages of PATA in Hindi – पाटा के नुकसान

  • पाटा केबल काफी expensive (महंगी) होती है।
  • साटा की तुलना में पाटा ज्यादा मात्रा में energy (बिजली) को consume करते है।
  • साटा की तुलना में पाटा में डेटा को ट्रांसफर करने स्पीड काफी ज्यादा slow होती है।
  • इसके पास hot swapping की सुविधा नहीं होती है.

Types of PATA Cable in Hindi – पाटा केबल के प्रकार

इस cable के प्रकार निम्नलिखित होते हैं:-

1– PATA 40-Conductor Cables

इस केबल का उपयोग उन devices को जोडने के लिए किया जाता है जिन devices की डाटा ट्रांसफर करने की स्पीड 33 Megabytes per second (Mbps) होती है। इस cable की मदद से यूजर दो motherboard के साथ डिवाइस को connect कर सकता है।

2– PATA 80 conductor cable

इसका उपयोग उन डिवाइसों को जोडने के लिए किया जाता है जिन डिवाइसों की डाटा ट्रांसफर करने की स्पीड 133 Megabytes per second (Mbps) होती है। PATA 80 जो है वह PATA 40 का ही एक नया version है। इसे PATA 40 को अपडेट करके बनाया गया है।

SATA और PATA में क्या अंतर है?

अभी तक ऊपर हमने जाना की SATA और PATA किसे कहते है अगर आपने ऊपर दी गयी सारी चीजे ध्यान से पढ़ी है तो आपको SATA और PATA के बीच क्या अंतर है इसके बारे में पता चल गया होगा। SATA And PATA Kya Hai?

अगर आपको अब भी SATA और PATA क्या होता है और इसमें क्या अंतर है इसको समझने में में कोई Confusion है तो अब हम आपको इनके बीच के कुछ महत्वपूर्ण अंतर नीचे बताने जा रहे है।

SATA           PATA   
1. PATA का फुलफॉर्म Parallel Advanced Technology Attachment हैं। SATA का फुलफॉर्म Serial Advanced Technology Attachment हैं।
2. यह एक 40 pin कनेक्टर होता है। यह एक 7 पिन कनेक्टर है।
3. इसकी कीमत ज्यादा होती है। यह लागत में सस्ता है।
4. PATA की डाटा ट्रांसफर की स्पीड स्लो होती है। डेटा ट्रांसफर की गति अधिक है।
5. PATA बिजली की खपत अधिक करता है। बिजली की खपत कम होती है।
6. केबल का आकार बड़ा होता है। इसकी केबल का आकार छोटा है।
7. इसमें हॉट स्वैपिंग की सुविधा नहीं है। इसमें हॉट स्वैपिंग की सुविधा होती है।
8. बाहरी हार्ड ड्राइव का उपयोग नहीं किया जा सकता है। बाहरी हार्ड ड्राइव का उपयोग किया जा सकता है।

मुझे आशा है की आप लोगो को  SATA And PATA Kya Hai In Hindi – SATA और PATA में क्या अंतर है? समझ आगया होगा की , दोस्तों अगर आपको मेरा ये Article अच्छा लगा हो तो Share जरूर करे | 

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