Monday, April 15, 2024
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Virtual Reality Kya Hai और कैसे काम करता है?

इस लेख में हम Virtual Reality के बारे में बात करेंगे, जिसे वर्चुअल वास्तविकता के नाम से भी जाना जाता है। हम इसका उपयोग कहां और कैसे कर सकते हैं, इसका इतिहास, Virtual Reality की तकनीकों, इसके अनुप्रयोगों, इसके लाभों और चुनौतियों के बारे में चर्चा करेंगे। अतिरिक्त सामग्री के रूप में, हम Virtual Reality के भविष्य की बात करेंगे और एक संक्षेप में इस लेख को समाप्त करेंगे।



Virtual Reality Kya Hai 

Virtual Reality एक कंप्यूटर तकनीक से बनाया गया वातावरण है, जो पूरी तरह से असली वातावरण जैसा दिखाई देता है। यहाँ परंपरागत स्क्रीन की बजाय, उपयोगकर्ता इसमें पूरी तरह समाहित हो जाता है और 3D दुनिया के साथ इंटरैक्ट करता है। यह देखने पर ऐसा लगता है कि हम किसी असली दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं, हालांकि यह पूरी तरह से आभासी होता है।

Virtual Reality का उपयोग करते समय उपयोगकर्ता को यकीन हो जाता है कि वह जो कुछ देख रहा है, सुन रहा है और महसूस कर रहा है, वह वास्तव में मौजूद है। Virtual Reality शब्द में ‘वास्तविकता’ का मतलब है ‘आभासी’ और ‘वास्तविकता’ है। इससे हमें वह अनुभव प्राप्त होता है जो पूरी तरह से सच में लगता है। Virtual Reality (VR) उपयोग करने के लिए सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर की मदद ली जाती है। इनकी सहायता से बनाई गई 3D दुनिया को हम मानसिक और शारीरिक रूप से अनुभव कर सकते हैं।

Virtual Reality के Features In Hindi

तो चलिए जानते हैं virtual reality के कुछ essential features:

Believable

जैसे जैसे आप ऐसे virtual world के विषय में believe करते रहें, आपको ये बिलकुल भी पता नहीं चलेगा की ये एक virtual reality है या नहीं।

Interactive

इस virtual world को आपके साथ move करना होगा जिससे ये प्रतीत हो की ये ज्यादा interactive दिखे. यदि ये ज्यादा interactive न दिखे तब इसे virtual reality नहीं कहा जा सकता है।

Computer-generated

ये बहुत ही महत्वपूर्ण है क्यूंकि इसे केवल powerful machines, जिसमें की realistic 3D computer graphics का इस्तमाल होता है, का ही इस्तमाल किया जाता है जिससे की ये इतना fast हो जिससे की ये believable, interactive, alternative दुनिया की संरचना कर सकता है. इससे ये आसानी से real-time में बदल सकता है जिससे ये और भी real प्रतीत होता है।

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Explorable

एक VR world को बड़ा और detailed होना चाहिए जिससे इसे अच्छे तरीके से explore किया जा सके. जितनी भी realistic एक painting हो लेकिन अगर इसमें ज्यादा details न हो तब ये ज्यादा explorable नहीं होगा. एक बेहतर VR के लिए इसका explorable होना बहुत जरुरी है।

Immersive

VR को ज्यादा believable और interactive बनाने के लिए VR को हमारे दोनों body और mind को immersive करना होगा. यदि कोई चीज़ ज्यादा आकर्षक नहीं होगी तब ये हमारे मन को ज्यादा आकर्षित नहीं कर सकेगी जिससे की हमें reality के विषय में आसानी से मालूम पड़ जायेगा. इसलिए VR जितनी ज्यादा immersive होगी उतनी ही ज्यादा real प्रतीत होगी।

इसलिए VR बहुत ही अलग दुनिया है. ये आपको सोचने के लिए मजबूर कर देगी की आप एक completely believable virtual world के बिच जी रहे हैं. ये two-way interactive होना चाहिए जिससे जिस प्रकार से आप अपने movement करें ठीक वैसे वैसे आपके reaction के हिसाब से आपकी VR भी बदल जाती है।



Virtual Reality का इतिहास | Virtual Reality History

  • 1956 Sensorama:Virtual Reality की शरुआत करने वाला यह यंत्र है.जो आँख के सामने दिखने वाले नज़ारे में दिखने वाली चीजोके साथ अपना शरीरे होनेका आभास क्रियेट करता है.इस शुरूआती यंत्र यन्त्र में ऐसा लगता था की आप किसी और दुनिया में आ गए हो.(उस 1956 के समय में ऐसी टेकनोलोजी का निर्माण करना.और Virtual reality का इस्तमाल करना बहोत बड़ी उपलब्धि माना जाता था)
  • 1961 Head sight system: सर पे पहनने वाला इस यंत्र में वास्तविक जीवन के दौरान आने वाले मुश्किल अनुभवों का रियल टाईम आभास देखने को मिलता है.
  • 1965 The Ultimate Display: नजारा और और उस नज़ारे के अनुरूप आवाज के साथ में मिलाके वास्तविक दुनिया के अनुभवोको Virtual Reality के जरिये अनुभव कराने वाला यन्त्र बनाया गया था.
  • 1967 First force fedback system: एयरक्राफ्ट और रेसिंग कार जैसे बहोत जड़प वाले साधनों को चलाने का आभासी अनुभव कराने वाला यह यन्त्र का इस्तेमाल उस समय में होता था.
  • 1977 The sayre gloves: हाथ में दस्ताने पहन कर इस यन्त्र की मदद से कोई भी चीज को वर्चुअली पकड़ सकते थे.वास्तविक जीवन में अशक्य अनुभवों को इस यन्त्र के द्वारा अनुभव कर सकते थे.
  • 1987 Visual Cockpit: विज्युअल कोकपिट यन्त्र के जरिये एयरक्राफ्ट या युद्ध के एयरक्राफ्ट का संचालन करने वाले वास्तविक अनुभवों जैसा वर्चुअल अनुभव की शिक्षा या तालीम इस यन्त्र से दी जाती थी.
  • 1990 Sega VR head set: यह एक प्रकार के चश्मे है जिसमे आँख के सामने वास्तविक अनुभव हो रहा हो ऐसा उपयोगकर्ता को लगता है.और वो व्यक्ति उस नज़ारे या वातावरण में ही हाजर हो ऐसा लगता है.
  • 2007 Google Street View: अनजाने रास्ते और जगहों की और उसक आसपास की हर चीज को वर्चुयल रियलिटी में देखने के लिए यह तकनीक का इस्तेमाल होता है.

Virtual Reality के प्रकार | Types of Virtual Reality 

Virtual Reality के 5 प्रकार हैं:

Non-immersive Virtual Reality

Non-immersive VR में एक कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है जहां हम software की मदद से कुछ characters और activities को कंट्रोल कर सकते हैं, लेकिन environment आपके साथ सीधे तौर पर interact नहीं करता है. उदाहरण के लिए अगर आप कोई video game खेलते हैं तो आप गेम के भीतर characters को control कर सकते हैं. तकनीकी रूप से आप एक virtual world में हैं लेकिन आप गेम में centre of attention नहीं है.

बल्कि सभी actions या features भीतर के character के साथ interact कर रहे होते हैं. तो मूल रूप से सभी basic game devices जैसे कि Playstation, Xbox, Computer इत्यादि आपको non-immersive virtual reality का अनुभव प्रदान करते हैं.

Fully-immersive Virtual Reality

Fully Immersive VR में आप वास्तविकता को अनुभव कर सकते हैं. इसमें आपको हमेशा ऐसा लगेगा मानो आप physically किसी वर्चुअल दुनिया में मौजूद हैं और आपके साथ सब कुछ वास्तव में घटित हो रहा है.

इस तकनीक में helmets, sense detectors, gloves और body connectors शामिल होते हैं. इन सबको एक शक्तिशाली कंप्यूटर के साथ जोड़ दिया जाता है . आपके movements, reactions यहां तक कि आँखों के ब्लिंक करने को भी detect किया जाता है और आभासी दुनिया के साथ जोड़ दिया जाता है. आपको ऐसा प्रतीत होता है जैसे आप भौतिक रूप से इस virtual world में मौजूद हैं.




Semi-immersive Virtual Reality

यह non-immersive और fully immersive virtual reality का मिश्रण है. यह 3D space या virtual environment के रूप में हो सकता है जहां आप computer screen या VR Box/Headset के माध्यम से अपने दम पर घूम सकते हैं. इसलिए virtual world के साथ सभी activities आपकी तरफ केंद्रित होती हैं.

हालांकि, यहां आपके वर्चुअल अनुभव के अलावा कोई वास्तविक physical movement नहीं होती. कंप्यूटर पर आप mouse की मदद से और मोबाइल पर touch और swipe की मदद से virtual space में घूम सकते हैं.

Augmented Reality

Augmented Reality में कोई वस्तु या डिवाइस असल में मौजूद दिखाई पड़ता है जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता है. बजाय आपको virtual world में ले जाने के, एक वर्चुअल वस्तु को किसी device की मदद से वास्तविक दुनिया में रखा जाता है. उदाहरण के लिए आप अपने मोबाइल स्क्रीन के जरिए अपने कमरे को देख सकते हैं और इसमें कोई भी वस्तु या character जैसे table, cartoon इत्यादि रख सकते हैं. आप इस वस्तु या character को केवल मोबाइल स्क्रीन के माध्यम से देख सकते हैं जो की असल में मौजूद नहीं होता.

Collaborative Virtual Reality

यह वर्चुअल दुनिया का वो रूप है जहां कई लोग अलग-अलग location से, आमतौर पर 3D या projected character के रूप में, एक दूसरे के संपर्क में आ सकते हैं. उदाहरण के लिए PUBG video game में हजारों की संख्या में players एक साथ आ सकते हैं और अपने individual virtual character को कंट्रोल कर सकते हैं. यहां वे एक दूसरे के साथ microphones, headsets और chatting के जरिए इंटरैक्ट कर सकते हैं.

Virtual Reality के उपयोग | Uses of Virtual Reality 

 शिक्षा के क्षेत्र में

Education field में VR तकनीक का काफी महत्वपूर्ण रोल है. कुछ काम ऐसे होते हैं जिन्हें करने से पहले उनकी सही से ट्रेनिंग लेना अनिवार्य होता है. इसी ट्रेनिंग के दौरान काम को वास्तविकता का रूप देने के लिए virtual reality की मदद ली जाती है. उदाहरण के लिए पायलट ट्रेनिंग, स्पेस ट्रिप, पैराशूट से जंपिंग, ब्रेन सर्जरी इत्यादि सिखाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.

Medical क्षेत्र में

मेडिकल क्षेत्र में भी वर्चुअल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. यहां VR तकनीक का उपयोग किसी सर्जिकल ट्रेनिंग और ड्रग डिजाईन करने के लिए किया जाता है. इसके इस्तेमाल से बिना किसी डर के training की जा सकती है, जहां मरीज को दर्द या ट्रेनिंग के दौरान कोई गलती होने का risk नहीं होता. छात्रों को सिखाने के लिए virtual मरीजों का इस्तेमाल किया जाता है जिसके बाद वे अपनी develop हुई skills को रियल दुनिया में apply कर सकते हैं.

Military क्षेत्र में

सैन्य कार्यों के लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग के लिए भी VR का इस्तेमाल किया जाता है. इसका इस्तेमाल मिलिट्री की सभी सेवाओं जैसे army, navy, airforce, marines और coast guard में किया जाता है. दुनियाभर में बच्चों का video game और computer के प्रति मोह साबित करता है कि VR ट्रेनिंग देने का एक प्रभावी तरीका है.

VR एक trainee को प्रशिक्षण के उद्देश्य से कई तरह के अलग-अलग हालातों, स्थानों और वातावरण में virtually भेज सकता है. सेना इसका उपयोग आभासी उड़ान, आभासी युद्धक्षेत्र, चिकित्सा प्रशिक्षण और आभासी बूट शिविर जैसी चीजों के लिए करती है, इसकी मदद से किसी सैनिक को बिना किसी risk के तब तक training दी जा सकती है जब तक वह असल में लड़ाई के लिए तैयार नहीं हो जाता.

Fashion के क्षेत्र में

बहुत ही कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि फैशन जगत में भी VR का इस्तेमाल किया जा रहा है. उदाहरण के लिए एक retailer अपने products को एक आभासी स्टोर बनाकर प्रदर्शित कर सकता है जो कि बिल्कुल असली स्टोर की तरह दिखाई देता है. कुछ मशहूर ब्रांड्स जैसे Tommy Hilfiger, Coach और Gap अपने business में VR का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं. इसके इस्तेमाल से ग्राहक कपड़ों को virtually पहनकर try भी कर सकते हैं.




Games और Entertainment के लिए 

Car racing games से लेकर HD games तक सब में VR technology का इस्तेमाल किया जा रहा है जो game खेलने के अनुभव को और अधिक बेहतर बनाता है. इस तकनीक के साथ गेम खेलने पर वास्तविकता का अनुभव होता है जो खेल को और अधिक रोमांचक बना देता है. युवाओं में इस तरह के गेम के प्रति झुकाव बढ़ता ही जा रहा है और VR तकनीक के साथ गेम की demand भी बढ़ रही है.

किन Equipment का इस्तमाल हम Virtual Reality में करते हैं ?

अगर आपने कभी किसी व्यक्ति को Virtual Reality का इस्तमाल करते हुए देखा होगा तब आपने जरुर देखा होगा की कैसे वो बहुत सारे equipments का इस्तमाल करते हैं. एक ordinary computer experience और एक VR experience में जो अंतर है वो उसके input और output के nature में होता है।

जहाँ एक ordinary computer keyboard, mouse, speech recognition जैसे equipments का इस्तमाल करता है input के लिए, वहीँ VR sensors का इस्तमाल करता है ये detect करने के लिए की कैसे body move कर रहा है। वहीँ जहाँ एक PC output को एक screen पर ही display करता है, वहीँ VR दो screens (हरेक आँख के लिए), stereo और surround-sound speakers, इसके साथ haptic (touch और body perception के लिए) feedback का भी इस्तमाल करता है.

Head-mounted Displays (HMDs)

VR और एक ordinary computer screen में जो फर्क होता है वो ये है की : VR, में आप एक 3D image को smoothly बदलता हुआ देख सकते हैं, real-time में, जैसे जैसे आप अपना head move करते हैं.

ये इसलिए मुमकिन है क्यूंकि यहाँ पर User को एक head-mounted display पहनना होता है, जो की एक बड़ा motorbike helmet के तरह दिखाई पड़ता है. इसमें दो small screens (प्रत्येक आँख के लिए) होते हैं, एक blackout blindfold जो की बाहरी lights को block करती है (ताकि user को real world से कोई distractions न हो), और stereo headphones भी होता है.

ये दो screens slightly different stereoscopic images display करते हैं, जिससे की virtual world का एक realistic 3D perspective दृश्यमान होता है. HMDs में usually built-in accelerometers या position sensors होता है जो की ये detect करता है की कैसे आपकी head और body move कर रहे हैं और ये picture को उसी हिसाब से adjust करता है।

Immersive Rooms

Immersive rooms को HMD के alternative के हिसाब से इस्तमाल किया जाता है. यहाँ पर user को एक ऐसे room के भीतर में रखा जाता है जहाँ पर उस room के दीवारें पर जो images को display किया जाता है बहार से वो हमेशा बदलता रहता है।

जैसे जैसे आप room में move करेंगे वैसे वैसे images भी change होंगी. Flight simulators मुख्य रूप से इसी technique, का इस्तमाल करते हैं जहाँ पर landscapes, cities, और airport approaches के images को project किया जाता है large screens में cockpit के बहार. इससे एक अलग reality का feel होता है।

Datagloves

ये बात तो सही है की चाहे वो कोई भी reality ही हमें हमेशा चीज़ों को छूने की इच्छा होती है. VR technology में भी हम इस चीज़ को Datagloves के जरिये feel कर सकते हैं. इन datagloves में sensors लगे हुए होते हैं जिन्हें की gloves के बाहरी side में wired कर दिया गया होता है जिससे की ये motions को आसानी से detect कर सके.

यहाँ fiber-optic cables का इस्तमाल किया जाता है जिन्हें की fingers के लम्बाई के हिसाब से stretched किया जाता है. प्रत्येक cable में tiny cuts होते हैं, जैसे जैसे आप अपने fingers को back और forth करते हैं, वैसे वैसे ज्यादा और कम light इन cuts से escape होती हैं।

वहीँ एक photocell cable के अंत में होता है जो की light को measure करता है की कितनी light उन तक पहुंची. इससे computer ये जान पाता है की अंगुलियाँ क्या कर रही हैं. वहीँ दुसरे gloves strain gauges, piezoelectric sensors, या electromechanical devices (जैसे की potentiometers) का इस्तमाल करते हैं finger movements को measure करने के लिए।

Wands

एक dataglove, की तुलना में एक wand और भी ज्यादा simple होता है जो की एक stick होता है जिसे आप touch, point to, या otherwise virtual world के साथ interact करने के लिए इस्तमाल कर सकते हैं. इसमें position और motion sensors (जैसे की accelerometers) होते हैं built in, इसके स्थ mouse-like buttons या scroll wheels भी होते हैं।



FAQs Virtual Reality Kya Hai और कैसे काम करता है?

Virtual Reality क्या है?

Virtual Reality एक तकनीक है जिसके माध्यम से एक व्यक्ति को वास्तविकता से अलग दुनिया में ले जाया जा सकता है। इसमें Virtual Reality हेडसेट का उपयोग किया जाता है जो आंतरजालिक वातावरण को सिमुलेट करता है।

Virtual Reality का उपयोग किस क्षेत्रों में होता है?

Virtual Reality का उपयोग मनोरंजन, गेमिंग, शिक्षा, सेवा उद्योग और कई अन्य क्षेत्रों में होता है। यह लोगों को वास्तविकता से अलग एक अनुभव प्रदान करता है और उन्हें नई तकनीकों का उपयोग करने की सुविधा देता है।

क्या Virtual Reality सुरक्षित है?

हां, Virtual Reality सुरक्षित है। इसमें उपयोगकर्ता की सुरक्षा के लिए विशेष दृष्टिकोण रखा जाता है और उच्च स्तर के सुरक्षा प्रोटोकॉल्स का पालन किया जाता है।

क्या Virtual Reality ध्यान और संलग्नता में सुधार कर सकती है?

हां, Virtual Reality ध्यान और संलग्नता में सुधार कर सकती है। इसमें लोग अपनी संवेदनशीलता और ध्यान को अधिक मजबूत बना सकते हैं और नए कौशल और अनुभवों का अभ्यास कर सकते हैं।

Virtual Reality के उपयोग सेवा उद्योग में कैसे हो सकते हैं?

Virtual Reality के माध्यम से, डॉक्टरों, चिकित्सा पेशेवरों और अन्य सेवा प्रदाताओं को अपने अनुभव को मदद करने का अवसर मिलता है। वे वास्तविकता में डूबे हुए रोगी के पास जा सकते हैं और नई तकनीकों का उपयोग करके उन्हें सही उपचार प्रदान कर सकते हैं।

क्या Virtual Reality का उपयोग शिक्षा में हो सकता है?

हां, Virtual Reality का उपयोग शिक्षा में हो सकता है। इसके माध्यम से छात्रों को वास्तविकता के साथ अवकाश के दौरान नए कौशल और अनुभवों का अभ्यास करने का मौका मिलता है।

Virtual Reality की विकास गति क्या है?

Virtual Reality की विकास गति तेजी से बढ़ रही है। नई और सुगमता से उपयोगी हेडसेट्स विकसित हो रहे हैं और नए और रोचक Virtual Reality अनुप्रयोग आ रहे हैं। यह तकनीकी दुनिया में एक महत्वपूर्ण स्थान बना रही है।

Conclusion

मैं उम्मीद करता हूँ आपको मेरा यह लेख “Virtual Reality क्या है और कैसे काम करता है?” जरूर पसंद आया होगा. मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है Virtual Reality in Hindi से जुड़ी हर जानकारी को सरल शब्दों में explain करने की ताकि आपको इस विषय के संदर्भ में किसी दूसरी website पर जाने की जरूरत ना पड़े.

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